यस बैंक के अस्थायी गैर-कार्यकारी चेयरमैन बने ब्रह्म दत्त

http://hindi.news18.com/news/business/latest-yes-bank-appoints-brahm-dutt-non-executive-part-time-chairman-1651028.html
BYNews18Hindi Updated: January 12, 2019, 5:33 PM IST
पूर्व आईएएस अधिकारी ब्रह्म दत्त को यस बैंक के अंशकालिक गैर-कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया गया है. बैंक ने शनिवार को यह जानकारी दी है. ब्रह्म दत्त यस बैंक के निदेशक मंडल के सदस्य भी हैं. भारतीय रिजर्व बैंक ने इसकी मंजूरी दे दी है. यस बैंक देश में निजी क्षेत्र का चौथा सबसे बड़ा बैंक है. शेयर बाजार को दी गई जानकारी में यस बैंक ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग नियमन कानून-1949 के प्रावधानों के अनुसार और ब्रह्म दत्त के अनुभव को देखते हुए उनकी नियुक्ति की अनुमति दे दी है. वह चार जुलाई 2020 तक इस पद पर रहेंगे. 4 साल के लिए हुई नियुक्ति- यस बैंक ने पूर्व आईएएस ब्रह्म दत्त को नॉन एग्जीक्यूटिव पार्ट टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है. उनका कार्यकाल 4 जुलाई 2020 तक रहगेा. बैंक ने शनिवार को रेग्युलेटरी फाइलिंग में ये जानकारी दी. 37 साल तक आईएएस रहे थे ब्रह्म दत्त-ब्रह्म दत्त जुलाई 2013 से यस बैंक के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर शामिल हैं. पिछले साढ़े 5 साल में वो बैंक की ज्यादातर सब-कमेटी में शामिल रहे हैं. फिलहाल वो नॉमिनेशन एंड रिम्यूनरेशन कमेटी के चेयरमैन हैं. कौन है ब्रह्म दत्त-पूर्व आईएएस ब्रह्मदत्त 37 साल की नौकरी के दौरान कर्नाटक और केंद्र सरकार के कई विभागों में अहम पदों पर रहे थे. रिटायरमेंट से पहले वो कैबिनेट सचिवालय और सड़क ट्रांसपोर्ट एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव रहे थे.यस बैंक के बोर्ड में मुकेश सभरवाल, सुभाष कालिया, अजय कुमार, प्रतिमा श्योरे, उत्तम प्रकाश अग्रवाल, टीएस विजयन और राणा कपूर भी शामिल हैं. (ये भी पढ़ें-फ्रॉड होने पर Paytm ग्राहकों को मिलेंगे 10 हजार रुपये! RBI के नए नियम जारी)राणा कपूर को देना पड़ा था इस्तीफा- सितंबर 2018 में आरबीआई ने यस बैंक को निर्देश दिए थे कि मौजूदा सीईओ राणा कपूर का कार्यकाल घटाकर 31 जनवरी 2019 तक कर दिया जाए. आरबीआई ने यस बैंक के एनपीए की अपनी गणना और बैंक के आंकड़ों अंतर पाए जाने की वजह से राणा कपूर का कार्यकाल घटाने के निर्देश दिए थे. राणा कपूर साल 2004 में सीईओ बने थे. पिछली बार अगस्त 2018 में शेयरधारकों की मंजरी के बाद उनका कार्यकाल 3 साल के लिए बढ़ा दिया गया था. यस बैंक आरबीआई से मंजूरी मिलने के बाद इस महीने के आखिर नए सीईओ की नियुक्ति कर देगा.